आजमगढ़। फर्जी अभिलेखों के सहारे शासकीय अनुदान प्राप्त कर गबन करने के मामले में अतरौलिया पुलिस ने वांछित महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और सरकारी धन के गबन से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस के अनुसार राज्य विशेष अनुसंधान दल (ईओडब्ल्यू) की जांच में मदरसा फैजेकौशर निस्बां, रुकुमलपुर, अतरौलिया से जुड़े प्रबंधक एवं शिक्षकों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें वास्तविक अभिलेख के रूप में प्रस्तुत करने तथा शासकीय अनुदान प्राप्त कर गबन करने के तथ्य सामने आए थे। इस संबंध में 19 मार्च 2025 को निरीक्षक कुँवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की तहरीर पर अतरौलिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस को मामले में नामजद अभियुक्ता रेनू यादव की तलाश थी। सोमवार को उपनिरीक्षक विश्राम गुप्ता पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने वांछित अभियुक्ता रेनू यादव को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार महिला अंबेडकरनगर जनपद के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र की निवासी बताई गई है। पुलिस ने उसे विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया। मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासकीय धनराशि के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

